बिहार में रबी महाअभियान 2026 की शुरुआत, 40 जागरूकता वाहनों से किसानों तक पहुंचेगी वैज्ञानिक खेती की जानकारी
बिहार में रबी महाअभियान-2026 की शुरुआत के साथ 40 जागरूकता एवं ज्ञान वाहनों को रवाना किया गया। अभियान के माध्यम से किसानों को उन्नत फसल उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी अनुदान और बेहतर फसल प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- • बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रबी महाअभियान-2026 के तहत 40 जागरूकता एवं ज्ञान वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
- • अभियान के तहत गेहूं, मक्का, दलहन और तिलहन की उन्नत खेती की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी।
- • जीरो टिलेज, सीड ड्रिल, मिट्टी की जांच और संतुलित उर्वरक प्रबंधन जैसी तकनीकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- • किसान पाठशाला, प्रशिक्षण, गोष्ठियों और किसान मेलों के माध्यम से व्यावहारिक कृषि ज्ञान उपलब्ध कराने की योजना है।
- • - पात्र किसानों को कृषि योजनाओं, DBT अनुदान और आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता के बारे में जागरूक किया जाएगा। सभी 5 बुलेट पॉइंट कॉपी करें
बिहार में रबी महाअभियान 2026 की शुरुआत, 40 जागरूकता वाहनों से किसानों तक पहुंचेगी वैज्ञानिक खेती की जानकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 38 किसान जागरूकता वाहनों और दो ज्ञान वाहनों को दिखाई हरी झंडी, कम लागत में बेहतर उत्पादन पर रहेगा जोर
पटना | 15 अक्टूबर 2026
बिहार में रबी फसलों के बेहतर उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से रबी महाअभियान-2026 की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ कक्ष के सामने 38 किसान जागरूकता वाहनों और दो ज्ञान वाहनों सहित कुल 40 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान के माध्यम से वैज्ञानिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान के तहत किसानों को गेहूं, मक्का, दलहन और तिलहन की उन्नत खेती, गुणवत्तापूर्ण कृषि उपादानों के इस्तेमाल तथा बेहतर फसल प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही पात्र किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से मिलने वाले अनुदान, रियायती दरों पर कृषि सामग्री और आधुनिक कृषि यंत्रों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
कम लागत में अधिक उत्पादन पर जोर
रबी महाअभियान में ऐसी कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है, जिनसे खेती की लागत कम करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिल सकती है। इनमें जीरो टिलेज और सीड ड्रिल जैसी तकनीकें प्रमुख हैं।
जीरो टिलेज पद्धति में खेत की व्यापक जुताई किए बिना बुआई की जाती है, जबकि सीड ड्रिल की मदद से बीजों को निर्धारित गहराई और दूरी पर बोया जा सकता है। इन तकनीकों का उचित उपयोग समय, श्रम और संसाधनों की बचत में सहायक हो सकता है।
इसके अलावा किसानों को मिट्टी की जांच, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती और कृषि में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
किसान पाठशाला और प्रशिक्षण से मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान
अभियान के दौरान किसान मेला, किसान पाठशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कृषि गोष्ठियों और प्रक्षेत्र दिवस जैसे आयोजन किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य किसानों को केवल योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि खेती से जुड़ी व्यावहारिक तकनीकों को समझने में भी मदद करना है।
कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान के माध्यम से किसानों की समस्याओं पर चर्चा करने और उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।
कृषि योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने की पहल
रबी महाअभियान के तहत किसानों को उपलब्ध सरकारी सहायता, अनुदान और कृषि संसाधनों की जानकारी दी जाएगी। इससे पात्र किसानों को योजनाओं के बारे में जागरूक होने और आवश्यक प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, अभियान का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि किसानों को बुआई के उपयुक्त समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि यंत्र, तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ कितनी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराया जाता है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
वाहनों को रवाना करने के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रबी महाअभियान-2026 बिहार में कृषि उत्पादन सुधारने और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक पहल है। वैज्ञानिक खेती की जानकारी का प्रभावी प्रसार और जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन इस अभियान की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
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